फिर एक प्रयाश हो…


ये दिल न निराश हो,
ये दिल न उदास हो
,है रब कही पे हाँ अगर,
तो ऐ दिल उठ,
फिर एक प्रयास हो.
ऎसी कोई धरती नहीं,
जिसपे कोई फूल न खिले,
ऐसा कोईआसमाँ नहीं ,
जिसके तारे न टूटें,
है रब कहीं पे हाँ अगर,
तो उठ ऐ दिल,
फिर ये पाँव परमीत,
मंजिल पे बढ़ें……Crassa

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