My first book on Kindle


I have complied my English poems from this blog into a book which is freely available on Kindle. You can also buy it by $1 (or 70 rupees in India). The name of the book is “The girl with the newspaper.”

I request you to kindly read it and write a review. Your support as you have given here is important for my book too. The link is


Parmit Singh Dhurandhar

किताबें या प्रेमिका

क्यों खरीदता हूँ मैं इतनी किताबें,
हर शख्श पूछ रहा है इस बाजार में,
क्या नहीं है कोई मेरे जीवन में प्रेमिका,
जो अनजान हूँ मैं साजों-श्रृंगार से.
मुस्कुराता हुआ चला जाता हूँ,
बिना किसी विवाद में उनसे,
क्या कहूं उनसे, कि किस कदर,
अनजान हैं वो, अपने जीवन में,
बहन-भाई-माँ के प्यार से, परमीत