You are my vitamin D


A cup of Starbucks coffee,
with you daily
makes my day
and keeps my mind healthy.
You are my vitamin D.
I want it daily.

The way you laugh,
the way you talk,
what should I say?
It is just mesmerizing.
You are my vitamin D.
I want it daily.

After having beers that night
a short walk with you
I started feeling
that our wavelengths were matching.
You are my vitamin D.
I want it daily.

Rifle Singh Dhurandhar

Fake and Corrupt


You are corrupt
and you are fake.
My heart knows that
you are a snake.
You can fool anyone
but I am not that one.

In the name of the association
you have created your monopoly.
You want only you to shout
to prove yourself as a leader.
You can get million silent followers
but I am not that one.

Dedicated to those fake leaders who does not want younger people to express.

Rifle Singh Dhurandhar

लाठाधीश-2


वो कौन हैं जिसपे वसुंधरा हर्षित है?
वो कौन है जिसपे हिमालय गर्वित है?
वो कौन है जिसे गंगा है पुकारती?
वो कौन है जो मगध की तस्वीर है?

दर्प जिसके मुख पे, भल दिव्यमान है
जब लठ लिए लाठाधीश है रण में
तो क्या सिंकदर और क्या काल है?

वीर तुम धनानंद, लाठाधीश हो
उठो, बढ़ो ऐसे की सिकंदर तक खौफ हो.
प्रखर, प्रबल, प्रचंड, प्रवीण हो
परांगत हर विद्या में, हर निति में निपुण हो.
नरों में स्वयं तुम इंद्रा हो
संपूर्ण आर्यावर्त के तुम सिंह हो.
इस पुण्य वसुंधरा पे तुम पूजित हो.
रूप में कामदेव, रण में परशुराम हो
विद्या – ज्ञान में साक्षात् वशिष्ठ हो.

वीर तुम धनानंद, लाठाधीश हो
उठो, बढ़ो ऐसे की सिकंदर तक खौफ हो.

Rifle Singh Dhurandhar

कहते हैं


कहते हैं की धुप में ना निकला करो
जवान बदन है, कुम्हला जाएगा।
ऐसे अनजान सड़क पे ना जाया करो
कोई भौंरा चुम के उड़ जाएगा।

कहते है की वो बचपन था, सुन्दर था,
जब तुम साथ में थे पिता
अब हालात ऐसे हैं, कोई कही से,
कभी भी लंगड़ी लगा जाएगा।

कहते हैं की खुद को संभाल लो
गिर जाने से पहले
भीड़ में अब कौन है?
जो दौड़ के तुम्हे उठाने आएगा।

कहते हैं की अपना दर्द किसी से ना कहो
जमाना फिर तुम्हे पत्थर का नहीं कहेगा।

Rifle Singh Dhurandhar

समंदर और छपरा का धुरंधर


समंदर मेरे है काबिल कहाँ?
लचका दूँ कमर तो, वो बेताबी कहाँ?
जिस बेताबी से मेरी नजर ढूंढती
वो बेताब छपरा का धुरंधर अब कहाँ?

कैसे समझाऊं ए माई अब तुझे?
मुझे ये सब कुछ नहीं चाहिए।
आभूषणों से मेरे अंग खिलते हैं कहाँ?
बेताब ये अंग मेरे ढूंढते
वो खिलाड़ी धुरंधर अब कहाँ?

Rifle Singh Dhurandhar

राजपूतों की लहू में अब भी वही उबाल है


राजपुताना की पावन धरती से उठी अब ललकार है
यह दहाड़ है हम सिंहों की, आगे जिसके दिल्ली लाचार है.
बदल के रख देंगें ये अरंकुश, अराजक सत्ता और सत्ताधीशों को
की राजपूतों की लहू में अब भी वही महाराणा सी उबाल है.

परमीत सिंह धुरंधर 

मैं खुद ही हूँ बिहार


मैं बिहार से नहीं, ना बिहार मुझसे है
मैं खुद ही हूँ बिहार.
भूख में- प्यास में, धुप में-छावं में
दुःख -दर्द में, हर एक एहसास में
जो मुझमे ले रहा है एक -एक पल सांस।
मैं खुद ही हूँ बिहार.

परमीत सिंह धुरंधर 

भारत के श्रवण कुमार: Sonu Sood


कहाँ छुप गइलन कन्हैया कुमार?
कहाँ फंस गइलन रविश कुमार?
कहाँ बारन, मनोज तिवारी, रवि किशन?
खेसारी लाल और बाकी दबंग सुपरस्टार।
मझधार के समय में बस सोनू सूद
ही बारन भारत के श्रवण कुमार।
मिले के चाहीं सोनू सूद जी के अब भारत रत्न
सुन ली हे मोदी जी इह हमनी के पुकार।

परमीत सिंह धुरंधर