गीता


हर दर्द का रस पीना है
यही गीता का संदेस है.

विषपान से ही आता
कंठ पे कालजयी तेज है.

जितना तपती है धरती
सींचता उसे उतना ही मेघ है.

हर दर्द का रस पीना है
यही गीता का संदेस है.

परमीत सिंह धुरंधर

20 years of friendship: Lalya-Pistoliyaa


मैं
मय हो जाता 
तू अगर 
मेरा ख़ास नहीं होता।
भीड़ तो बहुत है 
इस बाजारे-जहाँ में दोस्त 
मगर फिर अपनी दोस्ती का 
ये अंदाज नहीं होता। 
गुफ्तुगू करने के लिए बेक़रार है कई 
मगर कोई तुझसा भी दिल के 
करीब नहीं आता.

Related to my journey through the College of Agriculture, Pune.

परमीत सिंह धुरंधर

डोका फिरला का तुझा


भींग गयी चोली बथान में तेरे
कैसे अब घर जाऊं राजा इस राह से?
डोका फिरला का तुझा, सांग तू मला
चारपाई बिछी है, संग रात काट ले.

छपरा शहर में नाम है मेरा
बदनाम ना कर दे कही तू एक रात में.
डोका फिरला का तुझा, सांग तू मला
तू फक्त तू माझा प्रेम आहे.

Dedicated to Dada Kondke, whose song “पानी थीम – थीम गरा” is considered as vulgar. However, I enjoyed the song throughout my college life.

परमीत सिंह धुरंधर

वो काला – निठल्ला बिहारी सखी


मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी सखी
रात – रात भर सुलगाये चिंगारी सखी.
मैं खाऊं रोटी, वो तरकारी सखी.
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी सखी-२.

कभी मांगे बोरसी, कभी चूल्हा के आगी सखी
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी सखी.
कभी दुआरा, कभी अंगना में डाले चारपाई सखी
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी सखी.

मैं बंगालन सुन्दर – सलोनी,
वो काला – निठल्ला बिहारी सखी
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी रे सखी.
रोज रख दे मेरी कमर पे कटारी सखी
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी सखी.

कभी मांगे मुर्ग – मसल्लम, कभी चुरा और दही सखी
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी रे सखी.
गयी थी चराने अपनी गाय, फंस गयी उसके बथानी सखी
मेरा बलमा बड़ा है अनाड़ी रे सखी.

परमीत सिंह धुरंधर

काफिर पढ़ने लगें आयतें


तू आँखों से पीला दे
तो जवानी लगे झूमने।
तू घूँघट जो उठा दे
तो काफिर पढ़ने लगें आयतें।
तेरे ही इशारों पे
चल रहें हैं चाँद और तारें।
तेरी एक ही नजर
कलियों को खिला दे.
गूंज रहें भौरें
तेरा ही तराना।
तू बाहों में सुला ले
तो छोड़ दें जमाने की हसरतें।

परमीत सिंह धुरंधर

You flow like a river


You flow like a river
Full of treasures
But you are not in my life
It feels like a looser.
So tell me, tell me, tell me
When will we be together?
To count stars in the sky
To give us another try.

You reflect like pure water
Fresh, sweet and milky color
But you are not in my life
So tell me, tell me, tell me
When will we be together?
To swim and catch fish
To rinse and erase past.

Parmit Singh Dhurandhar

नादाँ हैं भौरें


बड़े नादाँ हैं भौरें
परेशान है भौरें
जाने क्या ढूंढते हैं
जाने कैसा आसमान, भौरें?
इनको पता नहीं है
कलियाँ कितनी चालाक हैं।
ठग लेती हैं सबको
बस खर्चती एक मुस्कान हैं.

बड़े ब्याकुल हैं भौरें
बड़े बेताब हैं भौरें
किसी बनाने को
इनको पता ही नहीं
कलियाँ कितनी चालाक हैं
मासूम बनती हैं
पर दिल की बड़ी बईमान हैं.

परमीत सिंह धुरंधर