माँ की ममता और पिता का दुलार


माँ की ममता और पिता का दुलार,
संसार में बस ये ही दो हैं भगवान्।
फिर भी मन भटकता है, कितनो के द्वार
बस पाने को जीवन में प्यार।

माँ की ममता और पिता का दुलार,
संसार में बस ये ही दो हैं भगवान्।
ये ही मेरे शिव हैं, ये ही मेरे विष्णु
इनकी चरणों में हैं चरों मेरे धाम.

माँ की ममता और पिता का दुलार,
संसार में बस ये ही दो हैं भगवान्।
और किसने लुटाये हंस-हंस के अपने स्वप्न
और कर दी तुमपे अपनी खुशियाँ निसार।adher

RSD

हे ग़ालिब


हे ग़ालिब, उनके हुस्न पे तुम क्या लिख रहे हो?
जो भी लिख रहे हो, मेरा दिल लिख रहे हो.
जानता शहर है की जीना है मुश्किल।
मेरे इस दर्द को ही तुम दवा लिख रहे हो.
हे ग़ालिब, उनके हुस्न पे तुम क्या लिख रहे हो?
जो भी लिख रहे हो, मेरा दिल लिख रहे हो.
कैसे हाँ ढूँढू अब कोई रास्ता
मेरी हर राह पे तुम उनका घर लिख रहे हो.

RSD

Bitcoin Beauty


सुन्दर-सुन्दर सी धरती पे
तू सुन्दर-सुन्दर सी है.
निकले जब तू बन-ठन के
बजती सबके दिल की है.

छोड़ दे तू चूल्हा -चौकी
और चिंता पैसों की.
मेरी नजर में रानी
तू तो मेरी बिटकॉइन सी है.

Rifle Singh Dhurandhar

फैसले जिंदगी के


ये फैसले जिंदगी के
ये रास्ते जिंदगी में
सब हैं बस, बिछुड़ने के वास्ते.
क्या पा रहा है कोई?
क्या बना रहा है कोई?
इन प्रश्नो की राह में
उलझने के वास्ते।
थक कर भी चल रहा
गम में भी हंस रहा
हो रहा जग से दूर
पर जग के ही वास्ते।

Rifle Singh Dhurandhar

यादों का दर्द 


जाने कैसी यादों का दर्द लिए बैठा हूँ?
महफ़िल है सजी, सजी महफ़िल में अश्क लिए बैठा हूँ.
तुम तो चले गए पिता, छोड़ अकेला मुझे दुनिया में
फिर भी अकेले ही इस दुनिया से जंग ठाने बैठा हूँ.

Rifle Singh Dhurandhar

याराना


तेरी-मेरी आँखों में एक इशारा हो जाए
तेरा जो रंग है वो मेरा हो जाए.
कुछ और नहीं माँगा है रब से मैंने
बस तेरे-मेरे दिल का याराना हो जाए.

Rifle Singh Dhurandhar

जीवन बंजारा हो


नहीं धरा पे कभी-कहीं, कोई लिए रूप हां तुम सा हो
बनो तुम ही बस मेरी प्रियसी, या फिर जीवन बंजारा हो.
अधरों पे मेरे गिरे अमृत तो बस तुम्हारी अधरों से
या रह जाए अटल प्यास मेरी, या फिर तेरे वक्षों का सहारा हो.

Rifle Singh Dhurandhar

कस्तूरी


मन कस्तूरी, जग दस्तूरी
रिश्तों में है अजब सी दूरी।
बेचैनी ही पाने की
पाकर दूर जाने की
उलझनों में रह गई
उलझ के प्रेम की डोरी।

सब चाहते है प्रेम सच्चा
कोई ना तोड़े विश्वास उनका
पर खुद पे जब आये तो
क्षण में चलते हैं दिलों पे छुरी।

ररुत आती है, जाती है
सावन-पतझड़, बसंत
के रूप लेकर
पर सबके चूल्हे में हैं
विरह की अनंत चिंगारी।

भूलकर सावन में संग झूले
झूलों की मीठी यादें
चला रहें हैं एक दूसरे पे
तेज-त्तेज कुल्हाड़ी।

First two lines were suggested by a friend.

Rifle Singh Dhurandhar

तुम #Harvard नहीं हो मेरा Heart हो प्रिये


तुम हार्वर्ड नहीं हो
मेरा हार्ट हो प्रिये।
तुम्हे पाने के लिए
रह गया मैं अकेला हूँ प्रिये।
तुम सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं
मेरा ख्वाब हो प्रिये।
बस तुम्हारे साथ चलने के लिए
रह गया मैं अकेला हूँ प्रिये।
सारे ख्वाब टूट गए, अरमान टूट गए
पिता के लाडले गोद से छूट गए
की तुम सिर्फ एक मुकाम तो नहीं
मेरी सांसे हो प्रिये।
तुम्हे पाने के लिए
रह गया मैं अकेला हूँ प्रिये।

It was a dream to be here

Still, a dream exists in my heart

To be with you forever. 

Rifle Singh Dhurandha