चाय ही पिला दिया करो


मोहब्बत ना सही, रोज हमसे मिल ही लिया करो
अधरों के जाम न सही, हाथों से चाय ही पिला दिया करो.

हम उफ़ तक ना करेंगे, तुम जिसे चाहो अपना बना लो
बस मेरे नाम का एक खत लिख दिया करो.

RSD

लिट्टी-चोखा और चंद्रशेखर आजाद


पातर कमरिया पे गमछा लाल
मोछिया पे ताव जैसे चंद्रशेखर आजाद।
सखी, का करि आपन राजा के बखान
मार करे लिट्टी-चोखा पे आ, हमार
होंठवा के कहेलन आम के आचार।

RSD

आज़ाद


अपनी माँ की दुवाओं का, मैं एक हिसाब हूँ,
तेरी गुलशन में मालिक, मैं आज भी आज़ाद हूँ.
सितमगर ने तो ढाए वैसे कई सितम हम पर,
पर हौसले से सीने में, मैं आज भी बुलंद हूँ.

परमीत सिंह धुरंधर