बहुत कमीने हैं, इस सारे संसार में,
मानते है सब लेकिन, Crassa ही सरदार रे.
दूर-दूर से ही जाती हैं, सारी सुंदरियां,
न जाने कब लुट जाए,उनका सारा श्रृंगार रे….Crassa
बहुत कमीने हैं, इस सारे संसार में,
मानते है सब लेकिन, Crassa ही सरदार रे.
दूर-दूर से ही जाती हैं, सारी सुंदरियां,
न जाने कब लुट जाए,उनका सारा श्रृंगार रे….Crassa