बहुत दूर-दूर से उठती हैं लहरें ,
मेरे किनारों को तोड़ देने को,
मगर हम किनारें वहीँ हैं वहीँ,
कि लहरें मिट जाती है जहां आके,
कि बहुत जोर -जोर से उमरते है बादल,
मेरी सरहदों को डूबा देने को,
मगर ये सरहदे वहीँ हैं वहीँ,
मिट जातें है बादल जहां बरस के, परमित…Crassa