माँ


सब छोड़ गये मुझको,
जिस मोड़ पे आके हाँ,
बस एक माँ ने लगा के रखा है,
मुझको सीने से अपने हाँ.
सब कुछ लुटा के अपना,
जब रह गया खाली हाँथ,
बस एक माँ ने लगा के रखा है,
मुझको सीने से अपने हाँ.
कितनो को तोडा है,
कितनो को मोड़ा है,
सब भूल गये हमको,
जिस मोड़ पे आके हाँ,
बस एक माँ ने लगा के रखा है,
परमित सीने से अपने हाँ.

Leave a comment