मेरी बागों में जितने भी फूल खिले है,
तेरी आँचल में जब तक न गिरेंगे,
चैन नहीं है इनकी पखुड़ियों को,परमीत
जब तक ये तेरे पावों को न चूम लेंगे, माँ.
मेरी बागों में जितने भी फूल खिले है,
तेरी आँचल में जब तक न गिरेंगे,
चैन नहीं है इनकी पखुड़ियों को,परमीत
जब तक ये तेरे पावों को न चूम लेंगे, माँ.