माँ


मांगता नहीं हूँ मैं,
किसी से,
दुआ जिंदगी कि,
सलामत है जब तक,
साँसे मेरी माँ कि.
सागर कि लहरें चाहें,
डूबा दें किनारा,
तोड़ नहीं सकती हैं,
वो मेरा हौसला.
आसमाँ जला दे चाहें,
गिरा कर बिजलियाँ,
नहीं मिटा सकती है,
वो मेरा काफिला.
डरता नहीं हूँ मैं,
देख के,
भीड़ दुश्मनों कि,
सलामत है जब तक,
साँसे मेरी माँ कि.
मांगता नहीं हूँ मैं,
किसी से,
दुआ जिंदगी कि,
सलामत है जब तक,
साँसे मेरी माँ कि.

 

 

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