कोई समझता नहीं है,
ममता के आँचल को,
किस्मत बदलती है,
बस माँ दोस्तों।
वो दबाते रहे तलवे,
मौलवियों- शंकराचार्यों के,
मैंने चूमा चरण एक बार माँ के,
सितारे चमकने लगे हैं,
मेरी कदमो में आके.
कोई समझता नहीं है,
ममता के आँचल को,
हर विघ्न बेटे का,
हरती है बस माँ दोस्तों.
कोई समझता नहीं है,
ममता के आँचल को,
किस्मत बदलती है,
परमीत, बस माँ दोस्तों.