माँ का आँचल


शेर की दुनिया इतनी छोटी क्यों है?
क्यों जंगल में शेर अकेला बैठा है?
हाथियों का झुण्ड, हिरणों का समूह,
फिर शेर क्यों गुमसुम अकेला है?
बल से नहीं प्रेम से जीतो,
बल से तो सिर्फ पत्थर टूटता है.
माँ के आँचल में सो के देखो,
यहीं पे सबकी किस्मत बदलता है.
खुदा की चाहत में भटकने वालों,
यहीं पे, परमीत, हर खुदा बसता है.

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