मैं हौले-हौले दिलवर, तुम्हारे पास आऊंगा,
कभी मैं मोहब्बत करूँगा, कभी सताऊंगा तुमको।
आईने की जरुरत ही क्या हैं, मेरी आँखे है तुमपे,
कभी मैं शिकायत करूँगा, कभी सजाऊंगा धुरंधर सा तुमको।
मैं हौले-हौले दिलवर, तुम्हारे पास आऊंगा,
कभी मैं मोहब्बत करूँगा, कभी सताऊंगा तुमको।
आईने की जरुरत ही क्या हैं, मेरी आँखे है तुमपे,
कभी मैं शिकायत करूँगा, कभी सजाऊंगा धुरंधर सा तुमको।