दिल्ली – सल्तनत


दिल्ली – सल्तनत की एक ही कहानी,
ताकत से तख़्त है, तख़्त से है रानी।
छल से जीतो चाहे बल से जीतो,
धर्म से या अधर्म से जीतो, धुरंधर सिंह
दुनिया करेगी गुणगान तुम्हारा,
और चुम्बन देगी रानी।

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