इतना भी मत लूटो,
की जीवन ही न रहे,
कुछ तो साँसे रहने दो,
दफनाने से पहले।
बड़ी शिद्दत से तुम्हे चाहा था,
बड़ी शिद्दत से तुमने लूटा है,
कुछ तो मुद्दत दे दो,
ताकि ये आसूं कब्र में न निकले।
परमीत सिंह धुरंधर
इतना भी मत लूटो,
की जीवन ही न रहे,
कुछ तो साँसे रहने दो,
दफनाने से पहले।
बड़ी शिद्दत से तुम्हे चाहा था,
बड़ी शिद्दत से तुमने लूटा है,
कुछ तो मुद्दत दे दो,
ताकि ये आसूं कब्र में न निकले।
परमीत सिंह धुरंधर