इश्क़ इस कदर नाकामियों में पल रहा है,
की मैं मौत से मोहब्बत मांग रहा हूँ.
वो भी खेलने लगी है अब आँख-मिचौली,
जिससे मैं अपना दिल लगा रहा हूँ.
परमीत सिंह धुरंधर
इश्क़ इस कदर नाकामियों में पल रहा है,
की मैं मौत से मोहब्बत मांग रहा हूँ.
वो भी खेलने लगी है अब आँख-मिचौली,
जिससे मैं अपना दिल लगा रहा हूँ.
परमीत सिंह धुरंधर