चिड़ियाँ उड़ाने का शौक रखने वालों,
संभल जाओ,
अब शिकारी हो गयी हैं चिड़ियाँ।
घोंसलों में कहाँ ठहरती हैं,
की अब बड़ी आधुनिक हो गयी हैं चिड़ियाँ।
अपने पंखो को संभल के रखती हैं,
पराएं पंखो पे सवार होक उड़ती हैं चिड़ियाँ।
चिड़ियाँ पालने का शौक रखने वालों,
संभल जाओ,
अब चालाक हो गयी हैं चिड़ियाँ।
दाना चुगते – चुगते अब चुग,
जाती हैं इंसान भी चिड़ियाँ।
परमीत सिंह धुरंधर