जय माँ सरस्वती,
मुझे प्यार दीजिये।
इस जीवन में मुझे,
संपूर्ण ज्ञान दीजिये।
वेद पढूं, पुराण पढूं,
उपनिषद तक पढ़ जाऊं।
उम्र छोटी हो, पर
मस्तक विशाल दीजिये।
देह को पीड़ा मिले तो मिले,
पर मन को विद्या-दान दीजिये।
जय माँ सरस्वती,
मुझे प्यार दीजिये।
इस जीवन में मुझे,
संपूर्ण ज्ञान दीजिये।
परमीत सिंह धुरंधर