बेवफाई


उनकी बेवफाई का गम तो बहुत है,
पर जिंदगी में दर्द भी तो बहुत है.
रोज सोचता हूँ,
आज सारे दुश्मनों को मिटा दूँ,
पर कमबख्त,
इस दिल में मोहब्बत भी तो बहुत है.
कैसे रखूं तलवार उनके गर्दन पे,
उनकी आँखों में आंसू भी तो बहुत है.

परमीत सिंह धुरंधर

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