दर्द


बहुत कष्टमय होता है वो जीवन,
जिसका हर क्षण पुष्पों के साथ गुजरे।
काँटों का दर्द यहाँ कौन समझता है,
जहाँ हर भौंरा पुष्प को चूमता है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

Leave a comment