दिवाली


आज दिवाली में बलम जी,
मुझे चाहिए नए झुमके.
और जलाऊँगी दिए,
आपके संग घूम- घूम के.
आज दिवाली में बलम जी,
मैं जाउंगी मायके।
और जलाऊँगी दिए,
सखियों संग सज-सवर के.

परमीत सिंह धुरंधर

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