बड़े पिता की संतान होने का ये फायदा है की माँ का प्यार दोगुना हो जाता है.
खाने को मिले या न मिले, पहनने को मिले या न मिले, मगर पिता भी माँ बनके प्यार लुटाने लगता हैं.
परमीत सिंह धुरंधर
बड़े पिता की संतान होने का ये फायदा है की माँ का प्यार दोगुना हो जाता है.
खाने को मिले या न मिले, पहनने को मिले या न मिले, मगर पिता भी माँ बनके प्यार लुटाने लगता हैं.
परमीत सिंह धुरंधर