सिंह सा गर्जना करता हुआ,
जब तू चलता है धरती पे.
गर्व होता है मुझको ए पिता,
पुत्र तुम्हारा कहलाने में.
परमीत सिंह धुरंधर
सिंह सा गर्जना करता हुआ,
जब तू चलता है धरती पे.
गर्व होता है मुझको ए पिता,
पुत्र तुम्हारा कहलाने में.
परमीत सिंह धुरंधर