रामायण, महाभारत और भारतीय घरों में कलह और बटवारे का दोष सदा से भारतीय नारियों के माथे मढ़ा गया है. लेकिन, आज तक किसी ने भी देश के बटवारे का दोषी ढूढ़ने का प्रयास नहीं किया, क्यों की इसके जिम्मेवार हमारे पुरुष भाइयों की सत्ता की भूख और उनकी सोच थी. नारी सम्मान की चिंता करने और उसके लिए चिल्लाने वालो ने कभी इस तरफ धयान नहीं दिया।
परमीत सिंह धुरंधर