मधुरम्-मधुरम् माधुरी


मधुरम्-मधुरम् माधुरी, करे मेरे दिल की चाकरी।
श्री देवी अति सुंदरी, सुंदरम-सुंदरम माधवी।
करिश्मा से रवीना, जबकि नजर का कमीना,
सब के संग बिताऊंगा बस एक-एक ही महीना।
चाहे सेक्सी साईरन हो या थंडर थाई,
सबके लिए बचाई है अपनी ये कमाई।
रेखा हो या जयाप्रदा, शांतिप्रिय या भानुप्रिया,
सब खाना चाहती है बस मेरे ही दुकान की मलाई।

परमीत सिंह धुरंधर

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