Crassa और Jwala


Jwala_Gutta_1127512g

Crassa और Jwala की जोड़ी कैसी,
बिना आँखों में कोई शर्म के,
बस मस्ती ही मस्ती।
तो धधकने दो, ज्वाला को यूँ ही.
पसीना बहा देंगे मंजिल के लिए,
खून का कतरा, आँखों में छलक आये.
तो भटकने दो, Crassa को यूँ ही,
बस्ती ही बस्ती।

 

परमीत सिंह धुरंधर

The image was taken from Google search.

 

Leave a comment