सौभाग्य


खूबसूरत जिस्म पे कभी उनके,
मेरा भी हाथ था.
अब कहती हैं,
क्या ये मेरा कम सौभाग्य था.

 

परमीत सिंह धुरंधर

हर रात बदल जाता है खाट उनका


मेरा दिल तोड़कर,
उनका अंदाज देखिये,
सारे शहर में हैं अब जलसा उनका।
बहुत खूबसूरत हैं,
ये ही, नाज है उन्हें,
हर रात बदल जाता है खाट उनका।

 

परमीत सिंह धुरंधर

Be a noisy girl


Be a wild girl,
Not a shy girl.
Life is short,
And night is dark.
Let me feel,
That you have a spark.
Why do you want,
To close your eyes?
Don’t be edgy,
When I am with you.
Be a noisy girl,
Not a wise girl.
Life is short,
And night is dark.
Let me feel,
That you have a spark.

 

Parmit Singh Dhurandhar

It’s in my vein


A guy like me,
Make you feel baby,
Make you feel.
Just try once,
If you don’t believe.
A guy like me,
Make you feel baby,
Make you feel.
Just one kiss,
And you will melt.
It’s not me,
It’s in my vein.
In my arms,
All your pains will fade,
And your wounds will heel.
A guy like me,
Make you feel baby,
Make you feel.
Each hour,
That you will be with me,
Will be like a full life,
And, your dream.
A guy like me,
Make you feel baby,
Make you feel.

 

Parmit Singh Dhurandhar

भिखारी – मदारी


दाने – दाने पे,
उसने मेरा नाम लिख दिया।
यह मेरी किस्मत नहीं,
ना भाग्य है.
बल्कि ऐसा करके,
उसने मुझे भिखारी,
और खुद को मदारी लिख दिया।
मैंने भी गमझे से पेट में,
विकराल होते भूख को,
बाँध दिया।
दुपहरी में पीपल के नीचे,
खाट डाल के लेट गया.
मुझे मेरी गरीबी में भी खुसी हुई,
की आज मैंने,
उसके ऊँचे महलों के दर्प,
को बुझा दिया।

 

परमीत सिंह धुरंधर

पापा आप मेरी मदिरा थे


पापा – वो – पापा,
आप मेरा ख्वाब थे.
खुले बगीचे में,
बादल की बूंदों सी,
मिठास थे आप,
मेरी जिंदगी का.
हरी घास पे,
नन्ही बूंदों सी,
नयी सुबह थे आप,
मेरे हर सपने का.
पापा – वो – पापा,
आप मेरा ख्वाब थे.
आप गंगा थे मेरे,
मैं किनारों का पत्थर।
डूब कर आपकी धाराओं में,
चमक उठा जिसका कण – कण.
आप हिमालय थे मेरा,
जिसकी घाटी में,
पुलकित हुआ,
और प्राप्त किया,
दुश्मनों की आँखों में खलने वाला,
मैंने ये योवन।
पापा – वो – पापा,
आप मेरी बुलंदी थे.
पापा, आप मेरी वो मदिरा थे,
जिसका नशा,
आज तक उतरा नहीं।
जिसके आगे कोई और,
जाम नहीं।
जिसके स्वाद में,
आज तक साँसों की,
प्यास मिटती नहीं।
मैं अपना मोक्ष भी,
ठुकरा दूँ,
बैंकुठ भी ठुकरा दूँ,
बस आपकी गोद,
और दुलार की खातिर।
पापा – वो – पापा,
आप मेरी साहस थे,
मेरी दौलत थे.

 

परमीत सिंह धुरंधर

सिंह सा दहाड़ लेता है


जिंदगी ने हर तरफ से तन्हा कर दिया,
उमीदों के हर किनारे को तोड़ कर,
बे- आसरा कर दिया।
फिर भी नशों में बहता ये खून,
जो राजपूती है,
उछाल लेता हैं,
उबाल लेता है.
संकट के हर घड़ी पे,
ये सिंह सा दहाड़ लेता है.
मैं मिटने की राह पर रहूँ,
साँसे टूटने की कगार पे रहे.
छाने लगते हैं जब भी,
हार की आंशका के ये काले बादल।
गिरते – गिरते भी, धूल में धूसरित होते भी,
ये खून, दुश्मनों को ललकार देता है.
मुझमे फिर से अहंकार भर,
जोश भर,
आखिरी क्षणों में भी,
राण-भूमि में, अरुंओं के सम्मुख,
नाव-योवन प्रदान करता हैं.

 

परमीत सिंह धुरंधर

Be in P<0.05


For your dream you have to die,
Does not matter, how high you fly.
टूटे रिश्तों को बचा लो,
इसी में हैं सबकी भलाई।
The world is always unfair,
As, it goes behind the average.
If you want to excel,
You have to be in P<0.05.
For your dream you have to die,
Does not matter, how high you fly.

 

Parmit Singh Dhurandhar

Dream


For your dream, You have to die.

 

Parmit Singh Dhurandhar

हुस्न


नजाकत जहाँ हया छोड़ दे,
हया जहाँ वफ़ा छोड़ दे.
वो महफ़िल हैं दौलत की,
जहाँ हुस्न वादे-इरादे, इश्क़ छोड़ दे.

 

परमीत सिंह धुरंधर