अपनी नजरों का एक सहारा तो दे दे


महबूब मेरे,
मुझे कुछ तो चैन दे दे.
बैचैन सी हैं जिंदगी,
इसे कभी तो आराम दे दे.
तन्हाइयों में जो हैं,
ये सब कुछ बिखरा हुआ.
इन्हें कभी तो समेट कर,
अपनी संदूक में कहीं छुपा ले.
जिंदगी की उलझने मेरी,
मुझसे सुलझती ही नहीं।
तू कभी दूर से ही सही मगर,
अपनी नजरों का एक सहारा तो दे दे.
प्यासा सावन क्या बरसे किसी पे?
तू उसे अपनी जुल्फों की कुछ बुँदे दे दे.

 

परमीत सिंह धुरंधर

M. S. Dhoni: The untold story


महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तान के रूप में अपने आखिरी भाषण में प्रवीण जी का नाम लिया। इसके तुरन्त बाद CCMB में लोगो में आश्चर्य और बिषमय का भाव आ गया. तुरंत CCMB से नीरव राव ने जर्मनी में अपने साथी मेवेन्द्र सिंह को फ़ोन लगाया।
नीरव : भाई तुम क्या कर रहे हो? यहाँ धोनी ने अपने भाषण में प्रवीण सिंह हजेरी को धन्यवाद दिया है. तुम इतना क्रिकेट खेले तो क्या कबाड़ लिए?
मेवेन्द्र सिंह: अरे ऐसा क्या? लेकिन प्रवीण जी का नाम क्यों आया? उन्होंने क्या किया है? साला मैंने तो Nature छापा हैं और अभी कल रात में Cell में पेपर सबमिट किया है.
नीरव राव: भाई इसमें मुझे लगता है परमीत का हाथ हैं. तीनो सिंह मिल कर तुम्हे अलग कर दिए.
एक काम करो. जल्दी से अपनी ३० लोगो के सीनेट की बैठक बुलावो।
मेवेन्द्र: अब सिर्फ २८ हैं. याद नहीं, दो लोग साथ नहीं दिए, वरना आज धोनी मेरा नाम लेता अपने भाषण में.
जल्दी से २८ लोगो की अंतरराष्ट्रीय बैठक बुलाई गयी. बैठक में धोनी के भाषण में, मेवेन्द्र सिंह का नाम नहीं रहने पे लोगो ने अपना गुस्सा व्यक्त किया। सबसे सीनियर दुबे जी ने धोनी को पत्र लिखा और कहा की मेवेन्द्र उनका छोटा भाई है. उसके लिए वो आखिरी पल तक लड़ेंगे। अतः धोनी जी आप फिर से एक भाषण दें और मेवेन्द्र का नाम नहीं लेने के लिए माफ़ी मांगे। धोनी के इनकार करने पे, दुबे जी ने तुरंत दूसरी मीटिंग बुलाई, और घोषणा की हम लोग धोनी का वीजा रुकवायेंगे ताकि वो इंग्लैंड ना जा सके चैंपियंस ट्रॉफी खेलने।
आखिरी समय तक पता नहीं चला की दुबे जी सफल हुए या नहीं, लेकिन धोनी ने जिस प्रवीण जी का नाम लिया वो CCMB के प्रवीण सिंह हजेरी नहीं वल्कि उत्तर प्रदेश के प्रवीण कुमार है. प्रवीण कुमार वो ही क्रिकेटर हैं जिन्होंने धोनी के नेतृत्व में खेला है अंतरराष्ट्रीय मैचों में.

 

परमीत सिंह धुरंधर

इश्क़


तुमसे इश्क़ हुआ तो ज़माने को समझने लगे.
तुम्हारे पीछे है अब जमाना, मुझे लगाने को ठिकाने।

 

परमीत सिंह धुरंधर

प्रेम


प्रेम वही जिसमे मिलान हो,
विछोह तो गाय से बछड़े का होता है.
अभी मुख से स्तन छूट भी नहीं,
और खूंटे से इनको बंधन होता है.
प्रेम, वही, जिसमे ओठों से रसपान हो,
विछोह में तो मीरा को विषपान होता है.
अभी विरह में ह्रदय जी भर के रोया भी नहीं,
और मीरा को जग से जाना पड़ता है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

इश्क़


समुन्द्रों को बचा के रखो अपने,
इश्क़ में सबको रोना होता है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

They don’t like to love our mom


The girls are crazy on the road,
But they love to be greedy on the bed.
They can achieve any thing in the world,
But they feel jealous as they grow old.
They are choosy,
They are moody,
But they don’t want to fall in love.
They love birds,
They love flowers,
But they don’t like to love our mom.

 

Parmit Singh Dhurandhar

नहीं रखूंगी अम्मा चुनर अपने बक्षों पे


कलम आपको वो समय देखने को शक्ति देती है, जो आप लाना चाहते हो. लेकिन आप विवस हो और नहीं ला सकते। कलम, आपको अपनी असफलताओं को छुपाने का माध्यम है. दुनिया के सबसे असफल आदमी की कलम ज्यादा मुखर होती है. ये पंक्तियाँ, उन लड़कियों और महिलाओं के लिए समर्पित है जिन्हें ३१ दिसम्बर २०१६ को बंगलोरे में शारीरिक उत्पीरण का सामना करना पड़ा. कुछ लोग बस जीवन में सिर्फ लड़कियों को पाना चाहते हैं. और मैं वो समय लाना चाहता हूँ जब कोई भी लड़की कैसे भी अपनी मर्जी से जीये और जी सके.

काले – काले मन के,
पहले भ्रम को,
कैसे तोड़ दूँ मैं?
मैं नहीं रखूंगी अम्मा,
चुनर अपने बक्षों पे.
गली-गली में गुजरती हूँ जब,
खुल जाते हैं, सब खिड़की-दरवाजे।
मेरी चाल पे बजाते हैं,
सीटी, बच्चों से बूढ़े।
अपनी नयी – नयी जावानी को,
नहीं ढकूँगी अम्मा, रखके,
चुनर अपने बक्षों पे.

परमीत सिंह धुरंधर

Give me a mirror


Give me a mirror,
Give me a mirror,
I want to see me.
After I met you,
I had forgotten,
But now,
I realized,
I have to live for me.
Give me a mirror,
Give me a mirror,
I want to see me.
My lips are dry,
My eyes are crying,
I have lost my black hairs,
I want to see,
How much I have sacrificed for you.
Give me a mirror,
Give me a mirror,
I want to see me.
It was my fault,
I thought,
Your kisses are everything.
I was stupid,
I thought,
You would be mine forever.
But now,
I realized,
I have to stand for me.
Give me a mirror,
Give me a mirror,
I want to see me.

 

Parmit Singh Dhurandhar

In the crowd


I lost my love,
In the crowd.
She got new love,
In the crowd.
The best part of this,
Is that,
I am alone to jump,
Now,
Anywhere in the crowd.
I blamed her for my failures,
she blamed me for her failures,
But we are the most successful,
To achieve , now, new failures,
In the crowd.
I lost my love,
In the crowd.
She got new love,
In the crowd.
Why should I cry?
Why should she cry?
When both of us,
have a beautiful smile,
In the crowd.
Lets make a new path,
Without hurting anyone,
I will love her,
She will love me,
In the crowd.
I lost my love,
In the crowd.
She got new love,
In the crowd.

 

Parmit Singh Dhurandhar

I don’t want you any more


Leave me alone,
Leave me alone,
I don’t want you any more.
It was a mistake,
It was a mistake,
That I thought you are my soul.
I will cry,
I will even die,
But, now, I will not be yours.
After so many nights,
you still don’t know me.
After so many kisses,
you still don’t own me.
I have the believe,
One day, I will fly again,
But not in your sky any more.
Leave me alone,
Leave me alone,
I don’t want you any more.
All the marks are there,
All the burns are there,
With full desire.
I have the believe,
I will melt again,
But not in your arms any more.
Leave me alone,
Leave me alone,
I don’t want you any more.

 

Parmit Singh Dhurandhar