स्यवं शिव ने किया है इंकार


तेरे चेहरे का दीदार,
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

तेरी सूरत ही बस मासूम है,
लालच छुपी है इन आँखों में
तेरा दिल तो है बड़ा मक्कार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

तेरे चेहरे पे मक्कारी
तेरी आँखों में होशियारी
तूने चाहा है बस दौलत बेसुमार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।

तूने सच्चों को रुलाया
तूने मासूमों को ठोकर लगाया
तूने किया है हर दिल से खिलवाड़
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

तुझे माँ भी पसंद नहीं
तुझे बहन भी भाती नहीं
तूने तोड़ा है हर परिवार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।

जो भी तेरा हुआ है
वो कब खाट से उठा है
तूने दर्द दिया है आपार
अरे रे रे बाबा न बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा न बाबा।

तेरे कांटे का नहीं कोई इलाज
तेरा झूठ भी लगे लाजबाब
तेरा इश्क़ का है कारोबार
अरे रे रे बाबा न बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।

कब तुझसे कोई बचा है
तूने जब भी नजर डाली है
तेरा हुस्न ही है तेरा हथियार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

तूने खेल हजारों खेलें
घर हजारों लूटें
एक औरत होकर तू, करती है औरत पे बार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा ना बाबा।

तेरे चेहरे की ये चमक
तेरी आँखों का ये शर्म
चन्द सिक्को की खनक पे
बिक जाता है हर बार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

तेरी आँखों की मधुशाला
ये तो है विष का एक प्याला
स्यवं शिव ने किया है इंकार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

तू बस में किसी को भी कर ले
अपनी मोहक अदा से
मैं तो भक्त हूँ भोलेनाथ का
मेरा मुश्किल है शिकार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।
तुझे कौन करेगा प्यार
अरे रे रे बाबा, ना बाबा।

This is dedicated to Shear Rahi Bastavi as it is inspired by his geet “Tere Payal ki Jhankaar, are re re baba na baba”.

परमीत सिंह धुरंधर

 

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