झूठे इंतजार में


पीता बहुत हूँ मैं तेरे नाम पे
जिन्दा हूँ अब तक बस तेरे आस में.

पता है की तुम अब कभी ना लौटोगे
पर मजा बहुत है इस झूठे इंतजार में.

परमीत सिंह धुरंधर

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