रातों में सूनापन
दिन में अधूरापन
ए जिंदगी अब तू बता
ये कैसा दीवानापन?
साँसों में प्यास
आँखों में ख्वाब
ए जिंदगी अब तू बता
ये कैसा बंजारापन?
किताबों में उसका चेहरा
राहों में उसका दुप्पटा
ए जिंदगी अब तू बता
ये कैसा आवारापन?
जब दिल ही हो बेवफा
तो शिकायत किसे करें
ए जिंदगी अब तू बता
ये कैसा बिखरापन?
परमीत सिंह धुरंधर