बेवफाई के दर्द से भक्ति के आनंद तक


नुसरत फ़तेह अली खान साहेब ने बेवफाई के दर्द को भक्ति के आनंद में बदल दिया है. टूटे दिल को भी जब दर्द में झूम उठने का संगीत मिले तो वही भक्ति है.

परमीत सिंह धुरंधर

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