यार सियार आ सैंया अनाड़ी


दरिया में आग लागल बा सैंया
रूठ अ मत जवानी में.

कल्लुआ पड़ल बा पीछे हमार
ले जाए ला आपन बथानी में.

किस्मत हमार अइसन बा ए सखी
यार सियार आ सैंया अनाड़ी रे.

परमीत सिंह धुरंधर

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