सौतन के सैंटा


कहवाँ के अगिया सैया कहवाँ बुझावातारS
तरसे जोबवान हमार, सौतन के भिंगवातारS
ललुआ – भलुआ जागल बारन सन इंतजार में
तू सौतन के सैंटा बन के मेर्री क्रिसमस गावातारS।

परमीत सिंह धुरंधर

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