अब अश्कों में बहाया जाएगा


रंगे-हालात बदलते -बदलते, कुछ यूँ बदल गयी जिंदगी
जिन्हे छुपाते थे किताबों में, उन्हें अब अश्कों में बहाया जाएगा।
हमसे मत पूछो, खंजर था या गोली थी
अब तो इस मौत के बाद भी उसे नहीं भुलाया जाएगा।

परमीत सिंह धुरंधर 

तोता ठोर मारsता-2


चूड़ी संभालीं की पायल संभाली
चोली – चुनर में हलचल उठsता।
कहिया ले जोगाइन धन राजा के हम?
पडोसी रतिया के छप्पर लाँघsता।
कौगो चिठ्ठी आ पाती पठइनि
सुनी ए राजा, मन अब बाँध तुरsता।
का कहीं सखी, अब आपन परेशानी
जोबना भी अब गोद में किलकार मांगsता।

परमीत सिंह धुरंधर

To fly in the same airplane


Hot, hot
Sweet, sweet
somthing like that
I need, need
You are just like that
I have been dreaming
So lets try again
To enjoy the heavy rain
To feel we are together
And made for each other.

I have almost finished
The journey of the life
It is painful to see
That you just arrived
lets try again
To fly in the same airplane
To enjoy the vacation
And feel for each other.

Parmit singh Dhurandhar

प्रेम


प्रेम जितना मधुर होगा
प्रेम उतना ही सहज होगा.

प्रेम जितना सहज होगा
प्रेम उतना ही निकट होगा।

प्रेम जितना ही निकट होगा
ह्रदय उतना ही जवाँ होगा।

हृदय जितना ही जवाँ होगा
रूप उतना ही पुलकित होगा।

रूप जितना ही पुलकित होगा
सहचर्य उतना ही मधुर होगा।

परमीत सिंह धुरंधर 

तोता ठोर मारsता


जवनिया हिलोर मारsता
तोता, तोता ठोर मारsता।
पियवा, अनाड़ी, परदेस में बईठलबा
पाकल अमरूदिया, चोर तुरsता।
ए सखी, का कही अब आपण परेशानी
रतिया में, खटिया पर खटमल चढ़sता।

परमीत सिंह धुरंधर


वो सैया जी रउरा से देहिया लगा के
ना रहनी घर के, ना रहनी घाट के.
माई-भौजाई रखतारी २४ घंटे अब आँख
अंगना-दुवारा होता बस हमरे बात
की अबकी होली के बाद, हो जाइ पीला हमर हाथ.
वो सैया जी रउरा से अंगिया लगा के
ना रहनी घर के, ना रहनी घाट के.

परमीत सिंह धुरंधर 

इश्क़ के दास्ताँ


ए समंदर, मुझसे इश्क़ के दास्ताँ ना पूछ
हम राजपूतों की शान है, हम लुटा देतें है अपना सब कुछ.
वो दरिया हैं, बंध जाना नहीं है उन्हें कुबूल
और मैं बंध जाऊं, ऐसा नहीं मेरी नशों का खून.

O sea, do not ask me stories of love
We are Rajput, we are known to sacrifice everything we own for our love.
They are like streams, they don’t have to be tied
And I accept to be tied, that is not possible due to my lineage.

परमीत सिंह धुरंधर 

जवानी


जवानी वो आग है
जिसमे सोना, पीतल, कोयला
सब लाल है.

परमीत सिंह धुरंधर 

ठरकी


मेरा शौक ना कर, Crassa तू यूँ
मेरी बाली है उमर, तू ठरकी बहुत है.
अभी तो चढ़ ही रही है मुझपे जवानी
तेरी साँसें हैं कम, मेरी रातें बहुत हैं.

Do not think of me, you Crassa
I am tender and you are full of wrong intentions
I am still too young and pure for your
You have only now desire left in your body, whereas i am full of dreams.

परमीत सिंह धुरंधर 

जिंदगी


जिंदगी को मेरे जब भी तौला जाएगा
ए जमाना, असफल इसे लिखा जाएगा.
मगर चुनौतियों का जब तकाजा होगा
इतिहास में मुझ सा न कोई दूजा होगा।

Whenever my life will be analysed
It will be considered unsuccessfull.
But when the challenges of life also become paet of the ablysis.
There will be noone like me in history.

परमीत सिंह धुरंधर