Luck always plays a role in success, and we cannot control it. But we can control whether it plays a significant or minor role in our success.
Rifle Singh Dhurandhar
Luck always plays a role in success, and we cannot control it. But we can control whether it plays a significant or minor role in our success.
Rifle Singh Dhurandhar
दाना दूंगा, पानी दूंगा
थक जाती हो आने में
तो यहीं घोंषला बना दूंगा
कभी कभी नहीं
अब रोज -रोज मिलो गोरैया।
बैठा हूँ तुम्हारे लिए
राहें ताकता तुम्हारी ही
और कौन है जिसके लिए?
मोह करूँ इन साँसों की
अब इस राजपूत की बन जाओ गोरैया।
इस दुपहरी में तुम एक पुरवाई हो
वीरान से जीवन में तुम एक अंगराई हो
उषा की लाली ही क्या?
अगर तुम्हारी चहचहाअट न हो.
मेरे विरहा को अब मिटावो गोरैया।
Rifle Singh Dhurandhar
पप्पू जी हउअन हमार ड्राइवर
और पीया खलासी हो.
पप्पू जी हउअन हमार तेजतर्रार
और पीया अनाड़ी हो.
Rifle Singh Dhurandhar
आवो गोरैया
खावो गोरैया
चाहको मेरी बगिया में
मुझको भी कुछ सुनावो गोरैया।
कैसी है ये दुनिया?
और कैसा ये आसमान?
रंग क्या हैं ये, जो है सुबहों -शाम?
मुझे भी ज़रा बतलाओ गोरैया।
तुम तो उड़ जाती हो अपनी चाह में
मैं बंधा हूँ यहाँ जाने किसकी आस में?
कभी मेरे भी दिल को
अपनी आदाओं से बहलावो गोरैया।
शहर -गावं तुमने देखा
डाल -डाल पे तुमने डेरा डाला
इस घनघोर वीरान में हो अगर कोई पथ
तो पथप्रदर्शक बनकर मुझे पथ दिखावो गोरैया।
Rifle Singh Dhurandhar
दिल का अनाड़ी
शहर में खिलाडी
करता हूँ साइकल की सवारी
ऐसा मैं बिहारी
ना अटकी है, ना अटकेगी
कहीं भी, कभी भी अपनी गाड़ी।
छपरा का छबीला
पटना का बादशाह
मराठों संग सजाई थी सल्तनत अपनी
ऐसा मैं बिहारी
ना अटकी है, ना अटकेगी
कहीं भी, कभी भी अपनी गाड़ी।
उस्तादों को पटका
हुस्नवालों को रंगा
दोस्तों का हूँ यार जिगड़ी
ऐसा मैं बिहारी
ना अटकी है, ना अटकेगी
कहीं भी, कभी भी अपनी गाड़ी।
भीड़ में अकेला
अकेले में भीड़
दोस्तों ने कहा, “मानुस है भारी”
ऐसा मैं बिहारी
ना अटकी है, ना अटकेगी
कहीं भी, कभी भी अपनी गाड़ी।
Rifle Singh Dhurandhar