फैसले जिंदगी के


ये फैसले जिंदगी के
ये रास्ते जिंदगी में
सब हैं बस, बिछुड़ने के वास्ते.
क्या पा रहा है कोई?
क्या बना रहा है कोई?
इन प्रश्नो की राह में
उलझने के वास्ते।
थक कर भी चल रहा
गम में भी हंस रहा
हो रहा जग से दूर
पर जग के ही वास्ते।

Rifle Singh Dhurandhar

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