लहरों पे घर


डूबा हुआ हूँ इस कदर तेरी निगाहों में
की अब बस घुल जाने की तमनन्ना है.
किस कम्बख्त को किनारा चाहिए यहाँ?
अब तो बस लहरों पे घर बनाने की तमन्ना है.

RSD

Leave a comment