पाक रिश्ता


मेरी जिंदगी को दर्द यूँ डुबाने लगा
ना प्यास ही मिटी ना यार ही गले लगा.
वो सबको सुला रहीं हैं अपनी बाहों में
बस एक हमसे ही पाक रिश्ता उनका रहा.

RSD

Leave a comment