उमड़े बादल वो जो बरसने को तैयार हों तो हम भी खेतो में अपने बीज डाल दें
कुछ पैसे आ जाएँ मेरे खातों में तो हम भी शहर से गावँ की तरह मुड़ लें.

RSD

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