Star


A star is born to be alone

It is neither to be desired by anyone 

Nor to be worshiped like a God or messenger

It is here to inspire generation after generation.

A star is born to touch the right path for the generation

By eliminating the darkness persisting in society.

That’s why when a star dies 

It leaves a vacuum behind it 

To be filled by another star

Otherwise, the community will disappear like dinosaurs.

A star is not a God or a messenger 

But it is more significant than them. 

Without a star 

We cannot feel the existence of a God 

The arrival of the messenger 

And the difference between good and evil. 

RSD

Black Beauty


The beauty of the black color 

Is that it hides everything

Love or frustration 

Anger or depression. 

Roses are red

Sky and sea are blue. 

But only the black night 

Could be the canvas for your dreams.

RSD

शरारत


हमनशीं तेरी आँखें जो करती हैं शरारत
बच्चे बन जाते हैं शिकारी, बुड्ढे कर देते हैं बगावत।
हमनशीं तेरी जुल्फें जो करती हैं शरारत
बादल उमड़ पड़ते हैं, और छ जाता है सावन।
तेरे ही हैं सब पयादें, सब हैं तेरे ही रहम पे
किसी को विष-विरह का, किसी को देती है परमानंद।
कोई भी तृप्त नहीं, कोई भी संतुष्ट नहीं
तेरी माया से कब, कहाँ बचे हैं स्वयं सृष्टि के पालक।।

RSD

तिल


मैं प्यासा हूँ
मेरी प्यास मिटाने को मिल.
खूबसूरत अंग लिए हो तुम
इन अंगों पे मेरे रंग चढ़ा के मिल.
मैं गिनता रहूं रात भर तेरे जिस्म के तिल को
तू एक रात तो दिया बुझा के मिल.

RSD

रब ऐसी कोई दुनिया रच


मेरी गालियां मिले उनकी गलियों से
रब ऐसी कोई दुनिया रच.
उनकी शाम ढले मेरे आँगन में
रब ऐसी कोई दुनिया रच.

RSD


एक बार जो तू चल दे मिला के ये कदम
लौट आएं सारी खुशियाँ जो मुझसे रूठ गई हैं.

RSD

मंताज मेरे


मंताज मेरे, मंताज मेरे
मुझसे रूठा है क्यों ख्वाब मेरे
एक रात की नहीं है जिन्द्गगी
जन्मों का बना ले हमराज मुझे।

मैं बरसो से हूँ प्यासा यहाँ
एक आस लिए तेरे बरसने का हाँ
एक फूल तो आ खिला दे
ताप्ती धरती पे मेरे.

RSD


चाहता हूँ गुजर जाऊं तुम्हारे इतने करीब से
फिर न कोई हो तुम्हारे करीब में.

RSD

मंताज-परमीत


ना हारा है परमीत
ना मंताज थकी हैं.
फिर ये कैसी है दूरी
कैसी बेबसी हैं?

चाँद निकलता है रोज
मेरे अम्बर पे
फिर भी मेरे आँगन में
रौशनी की कमी है.

ना रुका है परमीत
ना मंताज बदली है.
फिर क्यों मंजिल हमारी
हमसे रूठी है.

RSD

यार की आँखों में इतनी आदाएं हैं


तन्हा-तन्हा कर देंगे इशारों में, यार की आँखों में इतनी आदाएं हैं
हम कैसे संभाले खुद को इन राहों में, यार की आँखों में इतनी आदाएं हैं.
अरे बिजली गिरा दे यूँ ही हंस के बातों में, यार की आँखों में इतनी आदाएं हैं
तन्हा-तन्हा कर देंगे इशारों में, यार की आँखों में इतनी आदाएं हैं.

RSD