रब ऐसी कोई दुनिया रच


मेरी गालियां मिले उनकी गलियों से
रब ऐसी कोई दुनिया रच.
उनकी शाम ढले मेरे आँगन में
रब ऐसी कोई दुनिया रच.

RSD

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