शहर में सभी को कुछ न कुछ मिला
मेरा नाम ले के उनको बहुत कुछ मिला
फिर भी गिला रखती हैं वो हम ही से
की सारे शहर में उन्हें मोहब्बत फिर कहीं ना मिला।
बदनाम खुद हुईं और हमपे तोहमत लगा गयी
की जिंदगी में उन्हें फिर कोई हम सा क्यों ना मिला?
जिंदगी क्या है?
नदी, ताल, तलैया, बहते जाना है
प्रेम क्या है?
दुःख, दर्द, काँटा, सहते जाना है
हुस्न क्या है?
छल, फरेब, धोखा, बचते जाना है.
बिहार क्या है?
घी, लिट्टी पे चोखा, खाते जाना है.
घी, लिट्टी पे चोखा, खाते जाना है.
होने पे बिहारी ना शर्माना है.
दुनिया भर का बोझा हमको उठाना है.
होने पे बिहारी ना शर्माना है.
पूरब-पश्चिम, उत्तर -दख्खिन,
कोने- कोने की गन्दगी हमको मिटाना है.
होने पे बिहारी ना शर्माना है.
भारत माँ का कोना-कोना साफ़-स्वच्छ बनाना है
होने पे बिहारी ना शर्माना है.
दुनिया को बिहारी एक गाली सी लगे
मुझे हर एक लड़की मेरे खूबसूरत बिहार सी लगे.
RSD