कुमुदिनी


तुम छा रही हो ऐसे, जैसे छा जाती है बदली
मैं भ्रमित हो रहा हूँ ऐसे, जैसे भौंरा देख कुमुदिनी।
मेरे प्राणों से भी प्रिये लगने लगी हो पल में
जाने कल क्या होगा जब छलोगी बाहों में भर के

RSD

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