शर्म बहुत है


निगाहों का असर ही कुछ ऐसा है
वो ही लुभाती हैं जिनमे शर्म बहुत है.
तेरी जुल्फों के सायें में काट जाए बस एक रात
अपनी जिंदगीं के लिए इतना ही बहुत है.

RSD

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