धुन में तुम्हारे रम जाऊं जैसे रमे हनुमान
जुग- पे-जुग हाँ बीत जाए, ऐसे लगाऊं ध्यान।
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
आँखों की एक मदिरा, ध्याऊँ तुम्हे सुबहों-शाम
साँसों में एक ज्वाला निरंतर, जपता रहूं ये ही नाम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
अरे जग तो है एक माया, इस माया के तुम काट
शरण तुम्हारे जो भी है उसको है ब्रह्म-ज्ञान।
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
पशु -पंक्षी, राजा-रंक, सब हैं एक सामान
मिटटी में मिल जाते हैं, फिर कैसा अभिमान?
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
जग ढूंढें जिस सत्य को, उसकी राह है आसान
सच्चे दिल से जो बोल दे एक बार तेरा नाम.
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
RSD