मेरे राम जी मुस्करा के कह रहे हैं किमेरे साथ हैं
मेरी मंजिलें, मेरी राहें तो अब हो गयी आसान हैं.
मेरे राम जी मुस्करा के कह रहे हैं की साथ हैं
धुप में मेरी छावं हैं, मेरे सर पे रखें अपनी हाथ हैं.
मैं राम कहूं तुम राधा कहो
मैं माँ सीता कहूं, तुम श्याम कहो
अरे हैं वो एक बस रूप हजार हैं
मिलना तो सबको बस उनका प्यार हैं.
RSD