वीरों की धरती पे हैं फिर से लड़ाई सांप से
सत्ता हमको बाँट रही है जात -पात के नाम पे.
हम लाये हैं आज़ादी जिसपे हुए लोगों कुर्बान रे
पर रोज-रोज माला डालते बस जवाहर लाल पे.
लड़े वीर कुंवर सिंह, और भगवान् विरसा साथ में
फिर भी दोनों आज अलग-अलग हैं सत्ता के दावं से.
पहले बांटा अपने लालच में हमें बिहार-झारखण्ड में
अब फिर से वो ही लोग मिथिलांचल हैं मांग ते.
मैं तो विरोध करूँगा इसका, दोस्तों तुम भी आवो साथ में
बाँटने नहीं देंगे अपना बिहार, इस बार सत्ता की चाह में.
RSD