राजपुताना


रंगी है जमीन अपने लहू से कई बार
तब जानता है राजपुताना को संसार।

RSD

नज़र तुमपे ही है


मेरी नज़र तुमपे ही है सनम
तुम हो कि, तुम्हें ही ना कोई खबर
तुम पढ़ती हो दुनिया भर की किताबें
बस मेरी ही किताबों पे नहीं तुम्हारी नज़र।

RSD

बसे हैं बाबा दिल में


भोलेनाथ की जमीन से, शिव के आशीष से
चल पड़े हैं हम तो अपनी नजर लक्ष्य पे साधे।
ना भय कोई मन में, ना बंधन कोई चिंतन में
बसे हैं बाबा दिल में, तो पावों को बेड़ी क्या बांधे?

RSD

कब तक बैठते हम फिर मेहँदी रचा के


बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते
ना वो नजर ही रही, ना वो चिलमन रहा
कब तक बैठते हम फिर मेहँदी रचा के?
बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते।

तेरा शौक है की छूटता नहीं
तू है की कुछ समझता नहीं
हम जल गए खुद ही बिजली गिरा के।
बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते।

खुदा ये मोहब्बत ना दे अब किसी को
बहुत दर्द है इसमें हर एक मिलन पे
कितना लुटे हैं हम उनकी एक अदा पे।
बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते।

RSD

गजब की धुप


गजब की धुप में निखरा तेरा रूप
या निखरे तेरे रूप पे गिरती गजब की धुप
तेरी मुस्कान एक कातिल सी
या कातिल है तेरा मुस्कुराना खूब.

RSD

फिर से इश्क़ किया


इतना सा दिल था, जा तोड़ दिया
तुझे भुला कर, फिर से इश्क़ किया।
कभी चाहा था तुझे, दुनिया भुला कर
तुझे भुला कर, अब फिर से इश्क़ किया।

RSD

बिहार-दिवस


नजर ही नहीं आई, कब वो बेवफा हो गई
मोहब्बत भी तब हुई, जा वो पराई हो गई
ए मिट्टी तू कहीं, मैं कहीं, तेरी खुसबू,
मेरी शहनाई तो नहीं, मेरी तन्हाई हो गयी.

On Bihar Diwas, March 22, 2025.

RSD

जोगी रा सारा रारा-3


अंगिया लगा के बोला ए राजा, कहिया के सियल इ चोली बा.
तहरा से निमन त दरजी हाँ, जे रोजे बढ़ावत थाती बा.
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

नाचता रविशवा पढ़ के एक ही पाठ
की राहुल के ९९ मोदी पे भारी बा.
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

पाहिले जीतइलन तेजस्वी, अब दे तारन गाली
प्रशांत किशोर से ज्यादा बुरबक ना कउनो बिहारी बा.
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

कुछ ऐसा कर कमाल, मल के अंगों पे गुलाल तेरा हो जाऊं,
तू किसी और की है फिलहाल, रंग के चोली आज तेरा हो जाऊं।
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

इश्क़ हो जाए गुनाह, आज पी के साथ भांग तेरा हो जाऊं,
तू किसी और की है फिलहाल, रंग के चोली आज तेरा हो जाऊं।
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

केला खइली, आम खइली, घूम-घूम के बाजार
जइहा खइली पाकल कोवा, आवे लागली बथान
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

माई -बाप के दुलारी, लाड़ली रहली बड़ा चालक
अइसन रंगनी छपरा में, कहे लागली हमके भतार।
जोगी रा सारा रारा, जोगी रा सारा रारा।

RSD

सत्ता बाँट रही हमको


कितने लहू बहाकर हम लाये थे आज़ादी
सत्ता बाँट रही हमको, जनता भूल रही हैं कुर्बानी।

अरे सबने खाई थी गोली, मिलकर सबने खाई थी लाठी
सत्ता फिर क्यों पूछ रही है हमसे अब हमारी जाति।
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

गांधी -नेहरू तो जेल में थे हम सड़कों पे खा रहे थे लाठी
सह रहे थे घात-साजिश, मांग रहे थे हक़-रोटी।
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

ना होते हाँ जयप्रकाश, तो कब की खुल जाती ये धोती
संविधान के पन्नों की फिर हो गयी होती होली।
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

लड़े थे बिरसा लिए हाथों में अपने हाँ कुल्हाड़ी
फिर गांधी-नेहरू को ताज मिला, मिली हमें क्यों गुमनामी।
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

राजेंद्र बाबू ने खाई थी लाठी, चंद्रशेखर ने गोली
गिरे थे लाला-लाजपत राय, तब कहाँ थी अहिंषक-टोली?
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

पहले उनको अलग बता के बाँट गए जो थाली
अब कहते हैं नहीं मिलेगी खाने को भी दो रोटी।
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

हमारा कोयला सबको बांटा, पूरब-पश्चिम, उत्तर -दक्षिण
फिर क्यों बिहारी को मिलती है हर जगह हाँ गाली।
सत्ता बाँट रही है हमको, अब पूछ-पूछ के जाति।

कितने लहू बहाकर हम लाये थे आज़ादी
सत्ता बाँट रही हमको, जनता भूल रही हैं कुर्बानी।

RSD